पत्रलेखा जीवनी – Patralekha Biography in Hindi

Patralekha Biography in Hindi – मुस्कुराने की वजह तुम हो, गुनगुनाने की वजह तुम हो |

ये गाना तो आपको जरूर याद होगा, ये गाना गया था अरिजीत सिंह ने और मूवी थी सिटीलाइट | जिसमे राजकुमार राव और पत्रलेखा हमे मुख्य भूमिका में नज़र आयी थी |

राजकुमार राव के बारे में हम सब जानते हैं,राजकुमार बॉलीवुड के एक उम्दा एक्टर हैं और अपनी बिंदास एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं,पर आज हम राजकुमार राव नहीं बल्कि पत्रलेखा के बारे में जानेंगे |

Patralekha Biography in Hindi
Patralekha Biography in Hindi

आपके ज्ञान में थोड़ी वृद्धि करते हुए आपको बता दे के राजकुमार राव और पत्रलेखा ने 15 नवम्बर को शादी कर ली तो ये बिलकुल सही मौका है राजकुमार राव की पत्नी और बॉलीवुड की इस अभिनेत्री के बार में और अधिक जानने का |

पत्रलेखा जीवनी – कौन है पत्रलेखा ? Patralekha Biography in Hindi

पत्रलेखा का जन्म 20 फरवरी 1990 को मेघालय राज्य के शिलॉन्ग में हुआ | इनके पिता जी अजित मिश्रा पॉल हैं और पेशे से वो चार्टेट अकाउंटेंट हैं और वो चाहते थे के पत्रलेखा भी अकाउंटेंट बने पर ऐसा नहीं हुआ |

पत्रलेखा का पहले नाम अन्विता पॉल था परन्तु इनकी दादी ने इनका नाम पत्रलेखा रखा|

पत्रलेखा ने अपनी पढ़ाई द असम वैली स्कूल, बालीपारा से और बिशप कॉटन गर्ल्स स्कूल, बेंगलुरु से पूरी की | ये खेल लोड में माहिर थी और एक आल राउंडर खिलाडी थी | पत्रलेखा ने नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुंबई और एचआर कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स,मुंबई से अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की |

एक्टिंग का जूनून बचपन से था और अपने जूनून को पूरा करने के लिए पत्रलेखा ने बैरी जॉन एक्टिंग स्टूडियो में एक्टिंग सीखनी शुरू की और साथ के साथ मॉडलिंग करनी भी शुरू कर दी,अपने पढ़ाई के दिनों में ही पत्रलेखा ने कई फैशन डिसाइनर्स के लिए रैंप वाक भी की|

कभी हिट कभी फ्लॉप

पत्रलेखा ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत 2014 में की | इनकी पहली फिल्म सिटीलाइट राज कुमार राव के साथ आई और इनके द्वारा निभाया राखी का किरदार क्रिटिक और दर्शकों को बहुत पसंद आया | ये फिल्म हिट साबित हुई | इस फिल्म के साथ ही पत्रलेखा का करियर भी चल पड़ा और इन्हे मोस्ट प्रॉमिसिंग न्यूकमर-फीमेल का अवार्ड भी मिला| 

इसके बाद पत्रलेखा ने लव गेम्स नाम की फिल्म में काम किया जो 2016 में रिलीज़ हुई | ये फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पायी और फ्लॉप हो गयी |

इसके बाद 2017 में सुभाष चन्द्र बोस के जीवन पर बनी वेब सीरीज बोस डेड और अलाइव में काम किया| इस सीरीज में राजकुमार राव ने सुभाष चंद्र बोस की भूमिका निभाई और ये दर्शकों को बहुत पसंद आयी | इस में पत्रलेखा ने नंदिनी का रोल किया |

इसके बाद 2018 में अभय देओल के साथ इनकी एक फिल्म नानू की जानू आई,जो एक हॉरर कॉमेडी फिल्म थी, पर लोगों को ये फिल्म पसंद नहीं आई और ये भी फ्लॉप साबित हुई | इस तरह पत्रलेखा का फ़िल्मी करियर मिला जुला रहा | 

पत्रलेखा बनी राजकुमार की जानू

2014 में जब पत्रलेखा ने राजकुमार के साथ फिल्म की उसी समय से दोनों की रिश्ते की खबरें अख़बारों में छा गयी और इनके बारे में बहुत तरह की अफवाहें भी आने लगी | राजकुमार राव ने एक शो में बताया के पत्रलेखा के साथ 2010 से रिश्ते में हैं और इनके रिश्ते को 11 साल हो गए हैं |

2016 में ऐसी खबरें भी आईं के राजकुमार,लव गेम्स फिल्म में पत्रलेखा द्वारा किये काम से खुश नहीं है | इस फिल्म में पत्रलेखा ने बोल्ड किरदार किया था | पर राजकुमार ने मीडिया को बताया के ऐसा कुछ भी नहीं है, हम दोनों के अलग होने की खबरें सिर्फ अफवाह है और फैंस इन पर ज्यादा ध्यान न दें |

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इसी साल 15 नवम्बर को दोनों ने चंडीगढ़ में शादी कर ली और शादी की फोटोस सोशल मीडिया पर खूब शेयर की गयी और लाइक की गयी |

पत्रलेखा ने राजकुमार के साथ रिश्ते की कुछ यादें भी शेयर की, पत्रलेखा ने बताया के कैसे, जब उनके पास इतनी कमाई नहीं होती थी तो राजकुमार ने पत्रलेखा को उसकी पसंद का एक महंगा बैग गिफ्ट किया था जो पत्रलेखा को बहुत प्यारा था |

एक बार राजकुमार,पत्रलेखा को देखने के लिए दौड़ा चला आ रहा था तो पत्रलेखा ने राजकुमार को मिलने के लिए कैब रुकवा दी, जिसमे बैठ कर वो एयरपोर्ट जा रही थी |

आखिर दोनों ने इतने लम्बे रिश्ते को समझा और संभाला और आखिरकार शादी कर ली जिससे दोनों के फैंस के बीच काफी ख़ुशी है और लोग दोनों को अच्छे रिश्ते के लिए शुभकामनायें दे रहे हैं |

उनकी शादी में बहुत कम रिश्तेदार उपस्थित थे, शादी में एक्टर साकिब सलीम और निर्देशक फराह खान उनकी शादी में शामिल हुए |

पत्रलेखा अपने जीवन के एक नए अध्याय को शुरू करने जा रही है |

पत्रलेखा शादी के बाद भी अपने फ़िल्मी करियर को जारी रखेगी | अगले कुछ सालों में इनकी बहुत सारी फिल्मे और वेब सीरीस आने वाली है जिनमे से कुछ के नाम वेयर इस माय कन्नड़का, मै हीरो बोल रहा हूँ , इश्क़ अनसेंसर्ड इत्यदि हैं |

Rahul Sharma

हमारा नाम है राहुल,अपने सुना ही होगा। रहने वाले हैं पटियाला के। नाजायज़ व्हट्सऐप्प शेयर करने की उम्र में, कलम और कीबोर्ड से खेल रहे हैं। लिखने पर सरकार कोई टैक्स नहीं लगाती है, शौक़ सिर्फ़ कलाकारी का रहा है, जिसे हम समय-समय पर व्यंग्य, आर्टिकल, बायोग्राफीज़ इत्यादि के ज़रिए पूरा कर लेते हैं | हमारी प्रेरणा आरक्षित नहीं है। कोई भी सजीव निर्जीव हमें प्रेरित कर सकती है। जीवन में यही सुख है के दिमाग काबू में है और साँसे चल रही है, बाकी आज कल का ज़माना तो पता ही है |

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